विधानसभा सचिवालय से बर्खास्त 228 कर्मियों के बर्खास्तगी फैसले पर उच्चतम न्यायालय की मुहर

विधानसभा सचिवालय से बर्खास्त  228 कर्मियों के बर्खास्तगी फैसले पर उच्चतम न्यायालय की मुहर 

 सुप्रीम कोर्ट ने कर्मचारियों की एस एल पी को किया रिजेक्ट 

 उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष के निर्णय पर सुप्रीम कोर्ट कर्मचारियों को दिया झटका 



देहरादून 15 दिसंबर। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण के विधानसभा सचिवालय से बर्खास्त किए गए 228 कर्मियों के बर्खास्तगी फैसले पर उच्चतम न्यायालय ने भी मुहर लगाकर कर्मचारियों की अंतिम उम्मीद पर कील ठोक दी। कर्मियों के विशेष याचिका (SLP) को उच्चतम न्यायालय की खंडपीठ ने निरस्त कर बर्खास्त कर्मचारियों को जबरदस्त झटका दिया है।

ज्ञातव्य है कि ऋतु खंडूड़ी भूषण ने 3 सितंबर 2022 को उत्तराखंड विधानसभा भर्ती प्रकरण के संदर्भ में, डीके कोटिया के नेतृत्व वाली एक तीन सदस्य जांच समिति का गठन किया था। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट 23 सितंबर 2022 को विधानसभा अध्यक्ष को सौंपी थी जिसमें यह कहा गया था की सभी तदर्थ नियुक्तियां नियम सम्मत नहीं है। अतः समिति की सिफारिश पर फैसला लेते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया।


विधानसभा अध्यक्ष के फैसले के खिलाफ निरस्त कर्मचारियों ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय में याचिका दायर की जहां एकल पीठ ने कर्मियों के हक में फैसला देते हुए विधानसभा अध्यक्ष के फैसले पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए गलत करार दिया। इस फैसले के खिलाफ विधानसभा सचिवालय ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय के 2 सदस्यीय पीठ में अपील दायर किया। जहां 24 नवंबर को विधानसभा अध्यक्ष के बर्खास्तगी के फैसले को उच्च न्यायालय के 2 सदस्यीय पीठ ने सही ठहराया। तत्पश्चात कुछ बर्खास्त कर्मियों ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय के 2 सदस्य पीठ के निर्णय को चुनौती देने के लिए उच्चतम न्यायालय में विशेष याचिका दायर की थी।

 उच्चतम न्यायालय के इस फैसले का स्वागत करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि यह न्याय की जीत है उत्तराखंड के लाखों युवाओं की जीत है। उच्चतम न्यायालय के इस फैसले से प्रदेश के सभी युवाओं का सरकार एवं न्यायालय पर भरोसा और भी गहरा होगा। 

*✒️📝प्रेस विज्ञप्ति✒️📝*


    कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की जनपद पौड़ी को सात करोड़ 13 लाख 13 हजार रूपये के विकास कार्यों की सौगात 


सिंचाई विभाग के अंतर्गत भू-कटावरोधी योजना और बाढ़ सुरक्षात्मक कार्यों तथा पंचायतीराज विभाग के अधीन पंचायत भवनों के निर्माण से संबंधित कार्यों का किया शिलान्यास

सभी क्षेत्रों में इनोवेटिव प्रयासों को अपनाकर विकास कार्यों को संपादित करने के दिये निर्देश

      मंत्री पंचायतीराज, लोक निर्माण विभाग, पर्यटन, सिंचाई, लघु सिंचाई, संस्कृति, ग्रामीण निर्माण, जलागम प्रबंधन बाढ़ नियंत्रण एवं भारत-नेपाल और उत्तराखंड नदी परियोजनाएं सतपाल महाराज द्वारा विकास भवन सभागार पौड़ी में सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण और सुरक्षात्मक कार्यों तथा पंचायतीराज विभाग के पंचायत भवन निर्माण से संबंधित कुल सात करोड़ 13 लाख 13 हजार के निर्माण कार्यो का शिलान्यास किया गया तत्पश्चात जनपद पौड़ी के विभिन्न विभागीय अधिकारियों के साथ विभागवार समीक्षा बैठक आयोजित करते हुए पहाड़ केन्द्रित कल्चर को बढ़ावा देने, शीतकालीन पर्यटन, बागवानी, कृषि के साथ-साथ सभी क्षेत्रों में नवोन्मेशी (इनोविटिव) प्रयासों से विकास कार्यों को संपादित करने के निर्देश दिये।

      इस दौरान मंत्री ने कहा कि स्थानीय जलवायु और धरातल के अनुरूप नये एक्सपैरिमेंट करते रहें। पहले प्रत्येक क्षेत्र में पायटल प्रोजेक्ट के तौर पर अलग तरह की चिजों को ट्राई करें तथा जिसमें सफलता मिलती है फिर उसको बड़े स्तर पर उत्पादित करें और स्थानीय उत्पादों की ब्राण्डिंग करें तथा उनको मार्केट उपलब्ध करवायें।

   पेयजल संबंधित योजनाओं की समीक्षा करने के दौरान उन्होंने कहा कि जल निगम और जल संस्थान की आपसी मिसअन्डरस्टेडिंग की वजह से पेयजल की आपूर्ति और गुणवत्ता में किसी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए तथा जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रत्येक व्यक्ति और परिवार को प्रतिदिन मानक अनुरूप 55 लीटर प्रति व्यक्ति 24 घंटे पानी उपलब्ध कराने की कोशिश करनी चाहिए। इसके लिए नये स्त्रोतों के जीर्णोद्वार और उनकी टैपिंग करने की जरूरत है।

      पंचायत और ग्राम्य विकास विभाग की समीक्षा करते उन्होंने कहा कि हम पंचायतों को उनको 29 विषयों को हस्तांतरित करने की कार्यवाही तेजी से कर रहे हैं। उन्होंने पंचायतों को विभिन्न विषयों के हस्तांतरण की कार्यवाही को जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों के साथ-साथ जिला प्रशासन के प्रतिनिधि के समन्वय से पूरा करने को कहा। मंत्री ने निर्देशित किया कि पंचायतों में भी कूड़ा घर से ही सैगरीगेट(पृथक-पृथक चाहे रिसाईकल करना हो अथवा खाद बनानी हो) हो, इसके लिए पर्याप्त कंपैक्टर और जरूरी संसाधन उपलब्ध करवाये जाय।

   उन्होंने पर्यटन, कृषि और बागवानी को पहाड़ की रीढ़ बताते हुए कहा कि हमें शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने की जरूरत है। होमस्टे में इस बात का ध्यान रखा जाय कि टौयलेट वेस्टर्न पैटर्न के अनुरूप बनें और उसमें स्प्रे-कागज रोल अनिवार्य रूप से हो ताकि पानी कम खर्च हो सके। उन्होंने भवन निर्माण करते समय स्थानीय डिजाइन व नक्काशी को बढ़ावा देने तथा इस पारंपरिक कला में महारत हासिल लोगों को चिन्हित करते हुए उनसे निर्माण कार्य करवाने की भी अपेक्षा की।

      उद्यान और कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने नए उत्पाद, नए पौधे, नया बीज के साथ-साथ स्थानीय अनाज, दाल, बीज को भी व्यापक पैमाने पर उत्पादित करवाने के लिए गंभीरता से प्रयास करने के निर्देश दिये। उन्होंने पॉलीहाउस, एयरोपोनिक्स, एक्वापोनिक्स(जल कृषि) के साथ-साथ बुरांस जुस पैकिंग, मालाबार नील उत्पादन, बांस का जगह-जगह रोपण, रामदाना, फाफर, किन्वा(उच्च प्रोटीन युक्त सुपर फूड) उत्पादन, स्थानीय उत्पादन आधारित फैस्टिवल आयोजित करने के साथ ही ‘‘ग्राम उत्सव’’ दिवस मनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने स्थानीय मेलों-उत्सवों को बढ़ावा देने तथा उनतक पहुंच सुगम बनाने के लिए सड़क-कनेक्टिविटी में सुधार लाने, सड़क निर्माण करते समय अनिवार्य रूप से पानी की निकासी की व्यवस्था(साइड नाली) करने, सड़क किनारे वन्यजीवों की सुरक्षा दृष्टिगत लगातार झाड़ियों की कटिंग और पेड़ों की लॉपिंग करते रहने के भी निर्देश दिये। मंत्री ने पहाड़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए तरह-तरह के इनोवेटिव प्रयास करने, शीतकालीन पर्यटन को बढ़ाने के लिए उसी अनुकूलित तैयारी करने, पर्यटन को विभिन्न क्षेत्रों में डायवर्सिफाई करने, पर्यटकों को स्थानीय चिजों से रूबरू करवाने, रिंग रोड़, पैराग्लाइडिंग इत्यादि पर भी कार्य करने के लिए होमवर्क करने के अधिकारियों को निर्देश दिये।

     अन्त में मंत्री ने कहा कि सभी विभाग इस बात का ध्यान रखें कि विभिन्न कार्यों में गुणवत्ता अच्छी हो तथा कार्य निर्धारित समयावधि में पूरा हो और स्थानीय लोगों की उसमें अधिककाधिक भागीदारी हो।

     इस दौरान जिलाधिकारी गढ़वाल डॉ0 आशीष चौहान ने मंत्री को आश्वस्त किया कि उनके द्वारा दिये गये दिशा-निर्देशों के अनुरूप विभिन्न विकास कार्यों को संपादित किया जायेगा तथा उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने कार्यों को गुणवत्ता, पारदर्शिता और निर्धारित समयावधि में पूरा करने के निर्देश दिये।

       इस दौरान बैठक में विधायक पौड़ी राजकुमार पोरी, जिला पंचायत अध्यक्ष शांति देवी, वरिष्ट पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, परियोजना निदेशक डीआरडीए संजीव कुमार राय, जिला विकास अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह चौहान, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान प्रवीन कुमार सैनी व पेयजल संजय सिंह सहित विभिन्न जनपद स्तरीय अधिकारी-कार्मिक व स्थानीय लोग उपस्थित थे।


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