आक्रामक कुत्तों के संबंध में पशु क्रुरता निवारण समीति की बैठक
कोटद्वार, पौड़ी और श्रीनगर में डाग केंद्र बनाने के लिए स्थान चयन की कवायद शुरू
जिलाधिकारी ने विभिन्न क्षेत्रों में पाये जाने वाले आक्रामक कुत्तों का क्षेत्रवार चिन्हिकरण करने, विशेषज्ञ टीम द्वारा उनको पकड़ने, कुत्तों की हालात के अनुरूप यदि किसी तरह की चिकित्सा की आवश्यकता हो तो उसकी चिकित्सा करने तथा कोटद्वार, श्रीनगर और पौड़ी में उनको रखने के डॉग केन्द्र बनाने की दिशा में समस्त नगर निकायों, पशुपालन विभाग, संबंधित उपजिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।
उन्होंने अधिकारियों को कोटद्वार, श्रीनगर और पौड़ी में डॉग केन्द्र बनाने के लिए स्थल चयन करने तथा दीर्घकालिक समाधान के लिए श्रीनगर और कोटद्वार में ए.बी.सी. (एनिमल बर्थ कंट्रोल) सेंटर निर्मित करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने डॉग के चिन्हीकरण के समय इस बात का ध्यान रखने को कहा कि आक्रामक कुत्ता चिन्ह्किरण से छूट ना जाये तथा चिन्ह्किरण के पश्चात डॉग आपस में आक्रामकता से नुकसान न कर सके इसके लिए डॉग केन्द्र पर उसी अनुरूप व्यवस्थाएं रखें। उन्होंने इसके लिए मा0 न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करने को निर्देशित किया गया। उन्होंने अगली बैठक में यथोचित प्रगति विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। जनपद में उन्होंने इसके लिए अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित की जिसमें मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सदस्य सचिव, संबंधित उपजिलाधिकारी और संबंधित नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी भी इसमें सदस्य रहेंगे।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी अपूर्वा पाण्डे, उपजिलाधिकारी आकाश जोशी, अजयवीर सिंह, सीओ सदर प्रेमलाल टम्टा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ0 पी.एस. बिष्ट सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
नजूल भूमि को फ्री-होल्ड (पूर्ण स्वामित्व) करवाने सम्बन्धी प्रकरणों को लेकर बैठक
पौड़ी में 159 व कोटद्वार में 415 फ्रीहोल्ड आवेदन
जिलाधिकारी पौड़ी आशीष चौहान द्वारा कलक्ट्रेट सभागार में नजूल भूमि को फ्री-होल्ड (पूर्ण स्वामित्व) करवाने सम्बन्धी प्रकरणों को लेकर राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक ली। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी पौड़ी व कोटद्वार को निर्देश दिये कि लोगो से ऐसी नजूल भूमि के आवेदन प्राप्त करें जिसपर उनको पूर्ण स्वामित्व दिलाना या फ्री-होल्ड करवाया जाना है।
सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में आयोजित नजूल भूमि को फ्री-होल्ड करवाने सम्बन्धी प्रकरणों की बैठक में बताया गया कि अबतक अबतक पौड़ी में 159 व कोटद्वार में 415 फ्रीहोल्ड आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। जिसपर जिलाधिकारी ने उप-अधिकारियों को निर्देश दिये कि अवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करना सनिश्चित करें ताकि लम्बे समय से मामलों के निस्तारण की उम्मीद लेकर बैठे आवेदकों को राहत मिल सके। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि गरीब लोगों के आवदेनों को तरजीह देते हुए उनके आवेदनों पर प्राथमिकता से कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। इसके अलावा उन्होने उपजिलाधिकारी कोटद्वार को दुगड्डा में सरकारी भूमि का डिर्माकेशन करवाने के भी निर्देश दिये है।
बैठक में एसडीएम पौड़ी आकाश जोशी, एसडीएम श्रीनगर के अलावा नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहे.

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