पौड़ी जिले में रिवर्स पलायन को गर्त में धकेल रहे जिम्मेदार अधिकारी


 पौड़ी जिले में रिवर्स पलायन को गर्त में धकेल रहे जिम्मेदार अधिकारी

पेयजल निगम ने होम स्टे योजना में हर घर नल योजना में थमाया 92,784 रुपये का बिल
सरकार की योजनाओं पर पानी फेर रहे अधिकारी,भाई साल से विभागों व जनप्रतिनिधियों के चक्कर काट रहा युवा 
अधिकारी व्यवसायिक होटलों को दे रहे घरेलू पानी, होमस्टे पर आना-कानी 
पहाड़ की जवानी और पानी, नक्कारे अधिकारियों की कुचक्र के चलते पलायन को विवश 



जहरीखाल, पौड़ी/कोटद्वार। उत्तराखंड सरकार की महत्वपूर्ण महत्वाकांक्षी रिवर्स पलायन को पौड़ी जिले के कुछ विभाग किस तरह गर्त में धकेल रहे हैं उसका जीता जागता उदाहरण जिले के लैंसडाउन विधानसभा जहरीखाल विकास खंड के हिंदी साहित्य के प्रथम डी-लिट . डा.पीताम्लेबर दत्त बड़थ्वाल के गांव पाली में देखने को मिल रहा है। ढ़ाई वर्ष पूर्व रिवर्स पलायन कर अपने गांव पहुंचे एक युवा ने अपने गांव को वीरान होते देख दिल्ली में अपनी प्रतिष्ठित नौकरी छोड़ राज्य सरकार की लोकप्रिय पर्यटन योजना के तहत होम स्टे शुरू करने का मन बनाया। उसके लिए युवा ने पर्यटन विभाग से स्वीकृति और बैंक से ऋण लेकर कार्य शुरू कर दिया लेकिन पेयजल निगम के कुछ अधिकारियों की कुंठित मानसिकता के चलते युवा ढाई साल से जनप्रतिनिधियों , अधिकारियों, विधायकों से लेकर मुख्यमंत्री दरबार में दस्तक दे चुका है परन्तु राज्य के मुख्यमंत्री दरबार से लेकर जिलाधिकारी विधानसभा अध्यक्ष, विधायक पेयजल निगम के जिम्मेदार अधिकारियों के आगे प्रार्थी के साथ घुटने टेक चुके हैं।

  क्या है मामला ?

मामले में पीड़ित सूर्या बड़थ्वाल का कहना है कि पहले वह 15 वर्ष तक दिल्ली में राष्ट्रीय न्यूज चैनल्स में बतौर न्यूज एंकर/जर्नलिस्ट के तौर पर कार्यरत रहा। राज्य सरकार की दीन दयाल होमस्टे योजना से प्रेरित हुआ और स्वरोजगार की चाह लिए और बुजुर्ग माता-पिता की देखरेख के लिए अपने पैतृक गांव पाली ,जहरीखाल लौट आया। पर्यटन विभाग की मदद से और लोन लेकर होमस्टे बनाया, लेकिन बीते ढाई साल से पीने के पानी के लिए  विभाग ने उन्हें दिन में तारे दिखा दिए  हैं। हालात यह है कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद तो कोटद्वार पेयजल निगम ने उन्हें हर घर जल योजना में 92,784 रुपये का स्टीमेट बिल थमा दिया है।

ढाई साल में 4 आवेदन, नहीं मिला कनेक्शन

पीड़ित सूर्या बड़थ्वाल का कहना है कि सितंबर 2023 से घरेलू पेयजल कनेक्शन प्राप्त करने हेतु पिछले ढाई वर्षों में चार बार विधिवत आवेदन प्रस्तुत किए गए। इसके लिए कोटद्वार जल निगम के अधिशासी अभियंता अजय बेलवाल और जेई शहादत अली से मिला, पीने पानी का कनेक्शन भैरव गढ़ी पेयजल योजना से 'हर घर नल जल योजना' (जल जीवन मिशन) के तहत दिए जाने की मांग की। पूर्व के आवेदन  माताजी स्व. श्यामा बड़थ्वाल के नाम से प्रेषित थे। जून 2025 में उनका देहांत होने के बाद प्रार्थी ने स्वयं के नाम से भी प्रार्थना पत्र पेयजल विभाग को प्रेषित किया। परंतु संबंधित विभाग/कार्यालय द्वारा न तो पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है और न ही किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई करने के बजाय 92,784 रुपये का बिल थमाते शुल्क राशि में जमा नहीं करने पर पानी का कनेक्शन नहीं मिलेगा।    

विधायक, सांसद और स्पीकर को लिखा पत्र - सूर्या

पीड़ित के मुताबिक, मैंने अपनी समस्या को लेकर गढ़वाल सांसद, विधायक, विधानसभा स्पीकर, पेयजल सचिव, पौड़ी जिलाधिकारी और पर्यटन विभाग को भी पत्र लिखा. लेकिन जल निगम कोटद्वार के अधिकारी पर इसका कोई असर नहीं है. ना ही जनता के प्रति कोई जवाबदेही है. ये लोक सेवक के दायित्वों का घोर उल्लंघन है। अगर ऐसा ही रवैया रिवर्स पलायन कर रहे पहाड़ी जनमानस के साथ राज्य के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा किया जाएगा तो कौन रिवर्स पलायन करेगा...? क्यों करेगा....! किसके भरोसे करेगा....? राज्य सरकार को चाहिए कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को धरातल पर उतारने वाले युवाओं को प्रेरित करने के लिए जिम्मेदार विभागों की मानिटरिंग निश्चित अंतराल पर सुनिश्चित की जाए।

 

 सूर्या बड़थ्वाल द्वारा विभाग, जनप्रतिनिधियों के साथ किए गए पत्राचार की बानगी 

संलग्न:

- 11/02/2026 को जल निगम द्वारा भेजा गया बिल

- 28/06/2023 की पटवारी रिपोर्ट

- 13/11/2024 की ग्राम प्रधान रिपोर्ट

- 25/12/2025 को दिए आवेदन की रिसीविंग

- 21/09/2023 को दिए आवेदन की रिसीविंग  

- 11/10/2023 को दिए आवेदन की रिसीविंग

- 25/01/2024 को जल निगम में दिया शपथ पत्र

- 22/04/2025 को दिए आवेदन की रिसीविंग

- पाली होमस्टे का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट



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