दिहाड़ी मजदूर का होनहार बेटा बना उत्तराखंड पुलिस का जवान

 दिहाड़ी मजदूर का होनहार बेटा बना उत्तराखंड पुलिस का जवान

अपनी खेल प्रतिभा से उत्तराखंड पुलिस में बनाया कैरियर 



 कोटद्वार। होनहार, मेहनती और प्रतिभाशाली युवाओं के लिए उनके कैरियर में आने वाली तमाम बाधाएं स्वयं रास्ते के कांटे हटाती चलती हैं। ऐसा ही कुछ तब देखने को मिला जब कोटद्वार निवासी मुस्लिम परिवार के मुस्ताक अहमद जो कि दैनिक दिहाड़ी मजदूर है का होनहार प्रतिभाशाली हाकी खिलाड़ी रईस का चयन उत्तराखंड पुलिस में हुआ।
 कोटद्वार में ग्रास्टनगंज वार्ड नं.1 के दिहाड़ी मजदूर मुस्ताक अहमद के तीन बेटों में से दूसरे नंबर के रईस का चयन उत्तराखंड पुलिस में हुआ तो पूरे परिवार में ईद के त्यौहार की खुशी दुगनी हो गई। रईस की माता घरेलू महिला है तथा एक गाय पालकर अपने दैनिक दिहाड़ी मजदूर पति के साथ मिलकर अपने पांव सदस्यों के परिवार का पालन पोषण करते आ रहे हैं। रईस अपने तीन भाईयों में दूसरे नंबर के है। बड़ा भाई भी स्कूली स्तर पर राज्य स्तरीय हाकी टीम का प्रतिनिधित्व कर चुका है। पारिवारिक स्थिति को देखते हुए बड़ा भाई स्थानीय जिम में बतौर ट्रेनर बनकर अपने पिता की जिम्मेदारी में हाथ बंटा रहा है, वहीं छोटा भाई भाई हाकी का बेहतरीन खिलाड़ी है और फौज एवं पुलिस की तैयारियों में जुटा है।
 गौरतलब है रईस भी उत्तराखंड की पौड़ी जिले व उत्तराखंड की अंडर 19 का बेहतरीन खिलाड़ी और अनुशासित विद्यार्थियों में है। रईस के हाकी प्रशिक्षक एवं सीनियर हाकी खिलाड़ी जो वर्तमान में मोटाढांग मिनी स्टेडियम में हाकी प्रशिक्षक हैं बताते हैं कि रईस हाकी के बेहतरीन खिलाड़ी के साथ मेहनती, प्रतिभावान और अनुशासित विद्यार्थी और खिलाड़ी है। बहुत निर्धन परिवार में होने के वावजूद रईस ने अपने खेल को परवान चढ़ाने के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को दी जाने वाली स्कालरशिप से अपनी पढ़ाई के साथ अपनी हाकी की प्रतिभा को तराशा है। रईस की सीखने की भूख प्रशिक्षकों की गाइडलाइन और माता पिता व भाईयों के प्रेम विद्यालय के शिक्षकों के सहयोग ने हमेशा प्रेरणा देने का काम किया। अपने दूसरे प्रयास में उत्तराखंड पुलिस में चयनित होने पर अपने माता-पिता भाईयों, शिक्षकों और हाकी कोच का आशीर्वाद बताया। रईस का अगला टारगेट भारतीय हॉकी टीम का हिस्सा बनकर हाकी का बेहतरीन खिलाड़ी बनना है।

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