कुमाऊं सामाजिक सांस्कृतिक मैत्री समिति द्वारा डाक्टर डे पर चिकित्सकों को किया सम्मानित

 कुमाऊं सामाजिक सांस्कृतिक मैत्री समिति द्वारा डाक्टर डे पर चिकित्सकों को किया सम्मानित 



  कोटद्वार। चिकित्सा सेवा वर्तमान में सबसे श्रेष्ठ सेवाओं में एक है। एक समर्पित चिकित्सक आज के दौर में किसी भी मरीज के लिए भगवान से कम नहीं। कोटद्वार में चिकित्सा सेवा से जुड़े समर्पित चिकित्सक, जिनकी चिकित्सा सेवा और मानवीय जनसेवा के समर्पण को देखते हुए कोटद्वार में कुमाऊं सामाजिक सांस्कृतिक मैत्री समिति द्वारा सम्मानित करने का निर्णय लिया। गौरतलब है पिछले चार-पांच वर्षों से कुमाऊं सामाजिक सांस्कृतिक मैत्री समिति द्वारा विभिन्न शिक्षा बोर्डों के कोटद्वार टापर छात्र छात्राओं, वयोवृद्ध 70 वर्ष से अधिक आयु वाले बुजुर्गों, विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक सांस्कृतिक उपलब्धि हासिल करने वाले कलाकारों और समाजसेवियों को सम्मानित करते आ रहे हैं।
 इस बार भी कुमाऊं सामाजिक सांस्कृतिक मैत्री समिति द्वारा कोटद्वार के दो बेहतरीन चिकित्सकों जिनमें से एक कोटद्वार के प्रमुख बाल लोग विशेषज्ञ डॉ. आई एस सामंत व कोटद्वार में आधुनिक सुविधाओं से युक्त मां कामाख्या मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के संस्थापक /संचालक डॉ. भरतवीर स्मृति चिन्ह और फूलों का गुलदस्ता देकर सम्मानित किया। डा.आई एस सामंत कोटद्वार बेस चिकित्सालय में वर्षों तक बाल रोग विशेषज्ञ के साथ साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी भी रहे हैं। डॉ सामंत बाल रोग विशेषज्ञ के रूप में काफी लोकप्रिय और कुशल चिकित्सक रहे हैं। वहीं डॉ भरतवीर ने कोटद्वार में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं व बेस चिकित्सालय में सरकारी चिकित्सकों की कमी और अभाव को देखते हुए आधुनिक चिकित्सकीय उपकरणों,लैब सुविधा और देश के विशेषज्ञ चिकित्सकों की सुविधा के साथ मां कामाख्या स्पेशलिटी हॉस्पिटल की स्थापना कर कोटद्वार सहित आस-पास और दुर्गम पहाड़ों से आने वाले गंभीर मरीजों को जीवनदान देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। 
 कुमाऊं समिति द्वारा चिकित्सकों की चिकित्सा क्षेत्र में की गई महत्वपूर्ण सेवाओं को देखते हुए और और प्रोत्साहित करने के सम्मानित किया। चिकित्सकों को सम्मानित करने वालों में समिति के संरक्षक शंकर दत्त जोशी, अध्यक्ष हुकुम सिंह नेगी और कोषाध्यक्ष परन सिंह अधिकारी ने भूमिका निभाई। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष हुकुम सिंह नेगी ने समस्त चिकित्सकों को डाक्टर डे की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा आज के दौर में चिकित्सक मरीज को जीवनदान देने में भगवान से कम नहीं। जब गंभीर मरीज उसके परिजन डाक्टर के पास इसी उम्मीद से आते है कि डाक्टर निश्चित ही बीमार को ठीक कर देगा और चिकित्सक अपने अथक प्रयासों में सफल होता है तो वह क्षण बीमार और उसके परिजनों के लिए कितनी बड़ी खुशी का होता है उसे बयां नहीं किया जा सकता। समिति की ओर से शुभकामनाएं देते हुए सभी चिकित्सकों को अपने पेशे में मानवीय व्यवहार और प्रसन्नता से सेवा करने का अनुरोध किया।
 

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