धान की सीधी बिजाई और फुलपेज तकनीक किसानों को बना रही मालामाल

 धान की सीधी बिजाई और फुलपेज तकनीक किसानों को बना रही मालामाल 

गढ़वाल के कोटद्वार सिगड्डी, के किसानों ने अपनाई धान की सीधी बिजाई तकनीक 
पिछले वर्ष 7 किसानों ने अपनाई आधुनिक सीधी बिजाई तो इस किसानों की संख्या में हुआ 7 गुना इजाफा 
मल्टीनैशनल कृषि कंपनी सवाना ने उत्तराखंड के तराई क्षेत्र और भाबर क्षेत्र को सीधी धान बिजाई से किया मालामाल 



कोटद्वार के कृषि अधिकारी सीधी धान बिजाई और किसानों को उन्नत तकनीक से कृषि कार्य करवाने में बना रहे दूरी 
कोटद्वार। "अन्नदाता" यह शब्द कानों और आंखों के सामने आते ही तस्वीर उभरती है फटे कपड़े,सर पर बेतरतीब बंधीं पगड़ी/सांबा, पैरों की फटी एड़ियां, एक कंधे पर फावड़ा दूसरे कंधे हल और आगे आगे चलते बैल, वहीं खेतों में पसीने से लथपथ जर्जर शरीर। 



 परन्तु वर्तमान और शिक्षित दौर का किसान का किसान ट्रैक्टर,और दोपहिया वाहन में अपने आधुनिक कृषि यंत्रों व वैज्ञानिक सोच के साथ खेतों में नजर आ रहा है। कृषि और उद्यानिकी में हुए हरित क्रांति ने अब किसान की दिशा और दशा बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, परन्तु यह सब उन किसानों के साथ देखने और सुनने को मिलता है जिन्होंने वैज्ञानिक सोच के साथ आधुनिक कृषि तकनीक के विशेषज्ञों साथ कदमताल मिलाकर कार्य किया। कृषि विशेषज्ञों की सलाह को आत्मसात करके उसे जमीन पर उतारकर फायदा नुकसान को त्यागकर केवल अपनी निस्वार्थ मेहनत पर भरोसा कर धरती को उपजाऊ बनाने की धुन को साकार करने की ललक और जुनून से असम्भव को सम्भव बनाने की दृढ़ संकल्प से ही सफलता को हासिल कर पाए हैं। 



  ऐसा ही कुछ देखने और सुनने को मिला है कोटद्वार के सिगड्डी क्षेत्र में जहां अधिकांश किसान वर्षों से पानी की कमी भूमि की वैज्ञानिक पद्धति से अनभिज्ञ होने से धान की रोपाई की बजाय सोयाबीन की खेती किया करते थे। कृषि विभाग भी इस क्षेत्र के किसानों और कृषि कार्यों में कोई विशेष सहयोग करने से दूरी बनाए रखता था जिसके चलते क्षेत्र के किसान अपने को असहाय महसूस करते थे। ऐसे में पिछले वर्ष 2025-26 में क्षेत्र के प्रगतिशील किसान और पूर्व सैनिक कुबेर जलाल की मुलाकात मल्टीनैशनल सवाना सीड कंपनी कृषि अधिकारी/विशेषज्ञों से हुई। सवाना सीड्स के कृषि विशेषज्ञों और सिगड्डी के प्रगतिशील किसानों के बीच हुई बैठक में सवाना सीड्स के अधिकारियों ने किसानों को डैमो के रूप में अपने अपने खेतों के कुछ बीघा भूमि में सीधी धान बिजाई और फुलपेज तकनीक के तहत खेती अपनाने को कहा व कंपनी द्वारा किसानों को तकनीकी सहयोग, हाईब्रिड धान बीज और वैज्ञानिक कृषि तकनीक का सहयोग देने का वादा किया।
 पहली बार में कुबेर जलाल सहित छः अन्य किसानों ने कंपनी के साथ मिलकर सीधी धान बिजाई और फुलपेज तकनीक से धान की खेती शुरू की
जो परिणाम किसानों को मिले वह आश्चर्य जनक और चौंकाने वाले थे। आस-पास के किसानों ने भी जब देखा कि सिगड्डी जैसे क्षेत्र में जहां सिंचाई के पानी की बारी कमी और भांबरी भूमि अर्थात पथरीली दोमट मिट्टी में सीधी धान बिजाई से प्रति बीघा 3.5 से 4.5 कुंटल धान की बम्पर पैदावार हुई है। सीधी धान बिजाई तकनीक से जहां किसानों को पानी की बचत,कम मजदूरी लागत, अच्छी गुणवत्ता पूर्ण फसल के साथ अब तक खेती में बम्पर पैदावार ने परिवार सहित किसानों को खुशियां दिला दी। 


 सवाना सीड्स के क्षेत्रीय प्रबंधक और अधिकारी दीपक कौशिक और कुलदीप सिंह ने बताया कि सीधी धान बिजाई और फुलपेज तकनीक से प्रभावित होकर उत्तराखंड के तराई क्षेत्र सहित हरियाणा, उत्तर प्रदेश और अब गढ़वाल के कोटद्वार के किसानों ने सवाना सीड्स के साथ मिलकर जो कृषि मुहिम चलाई है उससे आने वाले समय में भारत का हर किसान आत्मनिर्भर बनेगा और उसका परिवार खुशहाल रहेगा। 
 गुरुवार को सिगड्डी के पूर्व सैनिक विश्राम प्रेक्षागृह में आयोजित बैठक में इस बार सीधी धान बिजाई अपनाने वाले किसानों ने सवाना सीड्स के कृषि विशेषज्ञों को खरपतवार की समस्याओं से अवगत कराया तो विशेषज्ञों ने आधुनिक कृषि तकनीकी में फसल मैनेजमेंट के महत्व पर जानकारी देते हुए बताया कि समय-सीमा, खरपतवार नाशक रसायन,खेत की नमी व वर्षा को ध्यान में रखकर कृषि कार्य करें। इस बीच कृषि विशेषज्ञों ने डैमो क्षेत्रों में भ्रमण कर धान की फसल का मौका मुआयना किया तथा धान की बढ़वार से संतुष्ट नजर आए।
 किसान गोष्ठी में कृषि अधिकारी प्रीत चग्यान, कुलदीप सिंह व जयपाल सिंह प्रगतिशील कृषक व सीधी धान बिजाई अपनाने वाले किसान रविन्द्र सिंह,रोशन धूलिया, विकास मेहरा,हरि सिंह जलाल, भूपेंद्र जलाल, भूपेन्द्र सिंह,आनंदमणी कुकरेती, कृष्णानंद शर्मा, चंद्र सिंह अधिकारी, अर्जुन सिंह,दीपक डबराल, प्रकाश पंत मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन पूर्व सैनिक और प्रगतिशील किसान कुबेर जलाल ने किया।

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