केन्द्र सरकार की सुस्ती से उत्तराखंड वन विकास निगम सहित राज्य सरकार को भारी राजस्व की चपत

 केन्द्र सरकार की सुस्ती से उत्तराखंड वन विकास निगम सहित राज्य सरकार को भारी राजस्व की चपत 



 2021 से गढ़वाल वन विकास निगम को नहीं मिला काम 
 वन विकास निगम के कर्मचारी कुर्सियों में बैठे बैठे लगे उबने 

 कोटद्वार/हरिद्वार। केन्द्र की भाजपा सरकार अपने ही राज्य सरकार के इंजन का ईंधन बंद कर विकास की रेल दौड़ाने की हवाई जुमले गढ़ने में लगी है। जगह-जगह डबल इंजन की रफ्तार की बात करने वाली डबल इंजन सरकार अपने ही इंजन को कुंए में धकेल कर कुंडली मारकर बैठी हुई है।
 मामला उत्तराखंड सरकार के वन विकास निगम के गढ़वाल मंडल के कोटद्वार, हरिद्वार के वन विकास निगम के डिपों का है जहां 2021से वन विकास निगम को कोई काम नहीं मिला जिसके चलते दोनों डीपो में कार्यरत कर्मचारी कुर्सियों में बैठे उबने लगे हैं कहीं कहीं तो कुर्सियां भी अपने को कोस रही हैं,तो कहीं.....! कर्मचारी संगठनों ने राज्य सरकार से कई बार गुहार लगाई है कि वन विकास निगम को जंगलों में बर्बाद हो रही सूखी ईमारती  वन उपज एवं नदी नालों की बहती वाली वन उपज को डीपो तक पहुंचाने वाले कार्यो की अनुमति दी जाए जिससे कर्मचारियों को काम करने का अवसर मिलेगा वहीं राज्य सरकार को भी राजस्व मिलेगा।


  गौरतलब है कि 2021 से उत्तराखंड में वन प्रभागों में वर्किंग प्लान चक्र केन्द्र सरकार से अनुमति नहीं मिलने के कारण वनों में सूखे,टूटे वन उपज सड़कर नष्ट हो रही है जिससे राज्य सरकार को पिछले तीन वर्षों से करोड़ों रुपए के राजस्व का नुक़सान हो रहा है। हरिद्वार वन प्रभाग में तो सूखे टूटे वन उपज व बहती की वन उपज वर्षों से सड़कर नष्ट हो चुकी है। कर्मचारियों के संगठन ने उत्तराखंड वन मंत्री को पत्र लिखकर वस्तुस्थिति को बताते हुए राज्य हित को ध्यान में रखते हुए शीघ्र कार्रवाई करने का अनुरोध किया है जिससे राज्य सरकार को करोड़ों रुपए की हानि से बचाया जा सके। 

मालिनी पूर्व सैनिक समिति की वर्षों पुरानी मांग को मुख्यमंत्री धामी ने दिखाई हरी झंडी 


  कोटद्वार। कोटद्वार भाबर की वर्षों पुरानी तेली सोत पर पुल की मालिनी पूर्व सैनिक समिति की संघर्ष को मुख्यमंत्री पुष्कर धामी सरकार ने हरी झंड़ी देकर भाबरवासियों व पूर्व सैनिक समिति को दीपावली का तोहफा दिया है।
 गौरतलब है कि सिगड्डी और किशनपुर मोटाढांग कोटद्वार के बीच तेली सोत नाले के कारण बरसात में बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। विशेषकर स्कूली बच्चों, अविभावकों को बरसाती नाले के कारण आवाजाही में काफी परेशानियां उठानी पड़ती हैं। मालिनी पूर्व सैनिक समिति के अध्यक्ष कुबेर जलाल ने बताया कि स्थानीय लोगों के साथ पूर्व सैनिक समिति कई स्थानीय प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधियों को पत्र/ज्ञापन सौंपा लेकिन उन्हें सभी ओर से निराशा हाथ लगी। आखिरकार मालिनी पूर्व सैनिक समिति का प्रतिनिधि मंडल देहरादून में मुख्यमंत्री धामी से मिला और उन्हें स्थानीय लोगों और स्कूली बच्चों की समस्याओं को बताया। मुख्यमंत्री धामी ने समस्या की गंभीरता देखते हुए फौरन स्थानीय प्रशासन को पुल निर्माण की कार्यवाही शुरू करने के आदेश जारी कर भाबर वासियों को दीपावली पर तोहफा दिया है। कोटद्वार की स्थानीय जनता के साथ मालिनी पूर्व सैनिक समिति ने पुल स्वीकृति पर मुख्यमंत्री का आभार जताया है।

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