उत्तराखंड सार्वजनिक निगमों /निकायों/उपक्रमों में कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी पर कार्यबहिष्कार का अल्टीमेटम

 उत्तराखंड सार्वजनिक निगमों /निकायों/उपक्रमों में कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी पर कार्यबहिष्कार का अल्टीमेटम 

21 दिन में निर्णय न लेने पर कार्य बहिष्कार का अल्टीमेटम 



कोटद्वार/देहरादून। उत्तराखंड सरकार द्वारा लम्बे समय से सार्वजनिक निगमों/निकायों/उपक्रमों के कर्मचारियों की विभिन्न मांगों की अनदेखी से नाराज़ कर्मचारियों ने कर्मचारी महासंघ के बैनर तले सरकार को अल्टीमेटम देते हुए बताया है कि 21 दिनों के भीतर कर्नमचारी  हित में समाधान न होने पर पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार कर दिया जाएगा।
 गौरतलब है कि उत्तराखंड निगम,निकाय व विभिन्न सरकारी उपक्रमों के कर्मचारी सरकार से अस्थाई, आउटसोर्स,उपनल, संविदा, विशेष श्रेणी, दैनिक वेतनभोगी व पीटीसी कर्मचारियों को नियमित करने व सुरक्षा मुहैया करवाने को लेकर वर्षों से संघर्षरत हैं तथा सार्वजनिक उपक्रमों में ठेका प्रथा को खत्म करने की मांग कर रहे हैं। सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों के 2014 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को पेंशन योजना लाभ दिया जाए। वेतन विसंगति, गोल्डन कार्ड की सुविधा सभी चिकित्सालयों में में उपलब्ध करवाने क्योंकि वेतन से चिकित्सा फंड कटने से पूर्ण लाभ नहीं मिल पाना, एसीपी को पुनः लागू करने की मांग कर रहे हैं। 
 राज्य निगम कर्मचारी/अधिकारी महासंघ ने सरकार को चेताते हुए मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार को ज्ञापन सौंपकर कर्मचारी हित में 21 दिन में निर्णय नहीं लेने पर पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार करने का निर्णय सुनाया है।

Post a Comment

0 Comments