पौड़ी जिले के गजल्ड में आदमखोर गुलदार ढेर, ग्रामीणों को दहशत दूर, वनविभाग को मिली राहत
पौड़ी जिले में हिंसक भालू और आदमखोर गुलदारों की बढ़ती गतिविधियों से नाराज़ मुख्यमंत्री ने पौड़ी डीएफओ को हटाने के लिए आदेश
प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कार सिंह धामी द्वारा घटना त्वरित संज्ञान लेने के उपरान्त उनके द्वारा दिये गये दिशा-निर्देशों के क्रम में प्रमुख सचिव वन आर. के. सुधांशु एवं आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडेय, मुख्य वन संरक्षक धीरज पाण्डे द्वारा प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण कर क्षेत्र में 06 कैमरा ट्रैप, 02 पिंजरे, प्रेशर इम्प्रेशन पैड, एनाईडर तथा अन्य तकनीकी संसाधन स्थापित किए गए। दो विभागीय शूटरों के साथ-साथ जनपद के दो अनुभवी स्थानीय शूटर जॉय हुकिल एवं राकेश चन्द्र बड़थ्वाल को भी उच्च स्तर से अनुमति प्राप्त होने पर विभागीय टीम में शामिल किया गया। 07 से 10 दिसम्बर तक ग्राम चक्थ, चोपड़ा एवं गजल्ड क्षेत्र में गुलदार की सक्रियता, पगमार्क, कैमरा ट्रैप इमेज तथा वनकर्मियों के प्रत्यक्ष अवलोकन जैसे प्रमाणों के आधार पर उसकी पहचान सुनिश्चित की गई। उक्त अवधि में गुलदार द्वारा दो मवेशियों को क्षति पहुँचाने तथा एक व्यक्ति पर झपट्टा मारने की सूचना भी प्राप्त हुई। निरंतर ट्रैकिंग, गश्त एवं तकनीकी निगरानी के उपरान्त 10 दिसम्बर को सांय 07ः05 बजे गजल्ड-कौडला के मध्य वन विभाग की ठीम द्वारा आदमखोर गुलदार को मार गिराया।
जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने कहा कि वर्तमान में मानव-वन्यजीव संघर्ष की संवेदनशीलता को देखते हुए वन विभाग की टीम पूर्ववत क्षेत्र में तैनात है तथा फॉक्स लाइट, साइरन, कैमरा ट्रैप निगरानी व झाड़ी कटान जैसे सभी सुरक्षा प्रबंध यथावत जारी हैं। उन्होने आश्वस्त किया है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थितियों में त्वरित, समन्वित एवं प्रभावी कार्यवाही जारी रखी जाएगी, जिससे जनसुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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