कोटडी़ढ़ांग सनेह में स्ट्रीट लाइट न होने से ढेरों मुसीबतें

  कोटडी़ढ़ांग सनेह में स्ट्रीट लाइट न होने से ढेरों मुसीबतें 



  पूर्व सैनिकों व पत्रकार को विधानसभा अध्यक्ष का दिया आश्वासन व बिजली विभाग को निर्देश, बिजली विभाग ने डाला कूड़ेदान में  


जंगल से सटे सड़क और नहर





    कोटद्वार। उत्तराखंड बनने के बाद से उत्तर प्रदेश से सटे कोटडी़ढांग सनेह जो नगरनिगम बनने से पहले राजस्व ग्राम सभा था उसके बाद नगरनिगम बनने के बाद से नगरनिगम के 40 वार्डों में सड़क पर स्ट्रीट लाइट न होने से जबकि यह क्षेत्र जंगल से सटा हुआ है नगरनिगम और बिजली विभाग की अनदेखी का दंश झेल रहा है। 
  गौरतलब है कि कोटडी़ढा़ंग गांव से सिंचाई विभाग की पूर्वी खोह नहर पूरे सनेह की कृषि भूमि की सिंचाई करती है,यह नहर वनविभाग के लैंसडाउन वन प्रभाग के कोटद्वार रेंज से सटकर सिंचाई का साधन है। कोटडी़ढांग सनेह के कृषक देर रात तक कभी खोह नदी के पानी से तो कभी ट्यूबवेल से सिंचाई करते हैं। नहर के जंगल से सटे होने के कारण जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है। कई बार स्थानीय कृषकों ने इस संबंध में पूर्व मेयर से लेकर वर्तमान मेयर से बिजली विभाग की एलटी लाइन की लगवाने की गुहार लगाई परन्तु किसानों की आवाज अंधे कुएं में चिल्लाने जैसी रही।
 वर्तमान विधायक व उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष से स्वयं लोक संवाद टुडे के सम्पादक व कोटडी़ढांग में पूर्व सैनिक के घर में पूर्व सैनिकों की बैठक में विधानसभा अध्यक्ष ने बिजली विभाग को अगस्त व अक्टूबर 2025 में निर्देश दिए की किसानों के हित को देखते हुए बिजली की एलटी लाइन लगाई जाए। यहां पर बताते चलें कि बिजली की एलटी लाइन रामपुर लाल पानी में जून जुलाई में ही लग चुकी है। कोटडी़ढांग में ट्यूबवेल से लेकर राजकीय इंटर कालेज कोटडीढांग लगभग डेढ़ किलोमीटर दूरी है जहां पर लगभग 11-12 विद्युत पोल लग सकते हैं। 



 कोटडी़ढांग निवासी पूर्व सैनिक और व्यवसाई कै. बिक्रम सिंह रावत, रामपुर निवासी पूर्व सैनिक बिरेंद्र सिंह रावत,सनेह मल्ली निवासी कै. जसवंत सिंह बिष्ट व कै.सतपाल सिंह नेगी ने भी कहा कि सड़क और नहर के साथ स्ट्रीट लाइट ( बिजली की एलटी लाइन ) होना बहुत जरूरी है, विधानसभा अध्यक्ष रितु भूषण खंडूड़ी ने भी इस लाइन पर सहमति दी है उसके बावजूद बिजली विभाग के कानों में जूं नहीं रेंग रही। 
 राज्य सरकार, नगरनिगम कोटद्वार और बिजली विभाग कोटद्वार को शायद किसी किसान या जो बाजार में मजदूरी, नौकरी और व्यवसाय करते हैं के साथ किसी अनहोनी का इंतजार है तब शायद सब जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की नींद खुलेगी।
 लोक संवाद टुडे ने अपने कैमरे से फोटो और वीडियो के माध्यम से दिखाने का प्रयास किया है कि कोटडीढांग में शाम 6:30 क्या स्थिति है और किसान कैसे नहर के पानी या ट्यूबवेल से सिंचाई करेगा। आजकल वैसे भी किसान भाई लोग गेहूं में सिंचाई कर रहे हैं और वन विभाग के हिंसक जानवर पहाड़ों से लाकर कोटड़ी रेंज में छोड़े जा रहे हैं जो कभी भी किसी अनहोनी को अंजाम दे सकते हैं। कोटड़ीढांग, रामपुर, कुम्भीचौड़ का क्षेत्र वैसे भी जंगली हाथियों, बारहसिंगा, सुवरों, लैपर्ड और गुलदारों का सैरगाह है। 
  जल्द से जल्द अगर बिजली की स्ट्रीट लाइट का समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्र के किसान और जवान मिलकर राज्य सरकार, जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और बिजली विभाग के खिलाफ आंदोलन को बाध्य होंगे और कोई अनहोनी जंगली जानवरों से होगी तो उपरोक्त सभी को जिम्मेदार माना जाएगा। 




 दुकानों और घरों की लाईट से सड़क व सिंचाई नहर पर पर प्रकाश व्यवस्था 



Post a Comment

0 Comments