लालढांग चिल्लरखाल रोड़ माननीय सुप्रीम कोर्ट का कोटद्वार की जनता को सुप्रीम तोहफा
श्रेय लेने की मची होड़
रोड़ के लिए कोटद्वार से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक संघर्ष करने वाले नेपथ्य में....
कोटद्वार। गुरुवार का दिन कोटद्वार लालढांग के निवासियों के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी लेकर आया। लालढांग चिल्लरखाल मोटर मार्ग के लिए जमीन पर संघर्ष करने से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पैरवी करने वाले क्रांतिकारियों, अधिवक्ताओं को उनके जनता प्रति ईमानदारी से पैरवी व संघर्ष को गुरुवार को बहुत सराहनीय सफलता का दिन रहा।
गौरतलब है कोटद्वार लालढांग चिल्लरखाल के लिए कोटद्वार के रूप ट्यूबर द्वारा छेड़ी गई मुहिम जिसमें दिल्ली तक पैदल यात्रा से लेकर पिछले 155 दिनों से लालढांग- चिल्लरखाल - सिगड्डी - लालघाटी - कोटद्वार की गैर राजनीतिक जनता, सैनिक संगठनों व मातृशक्ति के लगातार अपार समर्थन और सहयोग की भावनाओं और आवश्यकताओं को देखते हुए माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने जनता के हितार्थ निर्णय ले दिया।
आपको बताते चलें कि लालढांग चिल्लरखाल मोटर मार्ग जो कि कंडी रोड़ का आधा भाग है उसे उत्तराखंड के गढ़वाल कुमाऊं मंडलों को जोड़ने वाली कंडी रोड़ के लिए रामनगर के सामाजिक कार्यकर्ता पीसी जोशी राज्य स्थापना से वनविभाग,वन मंत्रालय से लेकर कोर्ट कचहरी से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक संघर्ष करते आ रहे हैं। वास्तव में इस रोड़ के लिए मार्ग प्रशस्त करने के असली क्रांतिकारी रामनगर के पीसी जोशी और कोटद्वार के प्रवीण थापा हैं जिन्होंने इस रोड़ के राह की बाधाओं को इंजन बनकर गंतव्य तक पहुंचाने का काम किया।
निश्चित है अब इस रोड़ के संबंध में दरवाजे खोलने का श्रेय राजनीतिक दलों के फेंकू नेताओं से लेकर सरकार के जनप्रतिनिधि भी करेंगे। जो भी हो लोक संवाद टुडे अपने सहयोगियों के साथ उन सबको तहेदिल से साधुवाद देता है जिसने भी रोड़ निर्माण के लिए ईमानदारी से सहयोग किया। देखना अब यह है कि राज्य सरकार कितनी शीघ्रता से रोड़ निर्माण की कार्यवाही करती है।

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